प्रेरणादायक हिंदी कहानियां (motivational kahani in hindi)

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प्रेरणादायक हिंदी (motivational kahani in hindi)

प्रेरणादायक हिंदी (motivational kahani in hindi): हर इंसान के जीवन में कुछ ऐसा लक्ष्य तो जरूर होता है। जिसे वो हासिल करने के लिए दिन रात एक कर देता है। लक्ष्य के बिना जीवन का कोई महत्व नहीं रहता है। इसलिए आप भी अपने जीवन में कुछ न कुछ लक्ष्य जरूर रखें और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए खूब मेहनत करें। वहीं आज हम आपको कुछ एक प्रेरणादायक हिंदी कहानी (motivational kahani in hindi) बताने जा रहे हैं। जिसको पढ़कर आपको जीवन के लक्ष्य को हासिल करने का हौंसला मिलेगा। तो आइए पढ़ते हैं प्रेरणादायक हिंदी (motivational kahani in hindi) –

एक ज्ञान व्यक्ति हर किसी को प्रवचन दिया करता था। धीरे-धीरे ये ज्ञानी व्यक्ति काफी प्रसिद्ध हो गया और उसके कई सारे शिष्य भी बन गए। एक दिन इस ज्ञानी व्यक्ति का एक शिष्य अपने गांव जाता है। उसे अपने गांव में अपना पुराना दोस्त मिलता है। जो कि जीवन से काफी निराश होता है। ये शिष्य अपने दोस्ते से निराश होने का कारण पूछता है। दोस्त बताता है कि उसने खूब मेहनत की लेकिन उसको सफलता नहीं मिल रही है। उसने अपना व्यापार शुरू किया लेकिन वो असफल रहा। उसने अपने जीवन के दो साल अपने व्यापार को दिए लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ। जबकि उसके साथ के लोग खूब पैसे कमा रहे हैं। ये बात सुनकर ज्ञानी ने अपने दोस्त को कहा कि तुम मेरे गुरु के पास चलों। वो तुम्हारी इस परेशान का हल जरूर खोजकर तुम्हें देंगे।

अपने दोस्त को शिष्य अपने साथ अपने ज्ञानी गुरु के पास ले आता है। गुरु से शिष्य कहता है, ये मेरा दोस्त है जो कि जीवन से बेहद ही निराश है। कृपा आप इसकी मदद करें और उसे सही रास्ता दिखाएं। ये बात सुनकर गुरु उसके दोस्त को कहते हैं कि तुम खुद दिन मेरे आश्रम में रोक जाऊ। गुरु की बात मानते हुए शिष्य का दोस्त आश्रम में रोक जाता है। गुरु शिष्य से कहते हैं कि ये आश्रम में रहकर बागवानी करेगा और इसे कहो की इसे गुलाब के फूल उगाने हैं।

गुरु की बात को मानते हुए शिष्य का दोस्त आश्रम में बागवानी शुरू कर देता है। वो दिन रात मेहनत करता है और बाग में धीरे-धीरे गुलाब के फूल खिलना शुरू कर देते हैं। लेकिन एक दिन तेज की बारिश और तूफान आता है और उसके बाग में लगे गुलाब के फूल तबाह हो जाते हैँ। ऐसा होने से दोस्त काफी निराश हो जाता है और गुरु के पास जाकर गुस्स से बोलता है। मेरी किस्मत मेरा साथ नहीं देती है और जो भी मैं काम करता हूं वो असफल हो जाता है। गुरु उसे काफी शांत करवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वो शांत नहीं होता है। तब गुरु उससे कहते हैं कि तुम एक काम करो बाग की सफाई कर दो और जो भी फूल गिर गए हैं उन्हें वहां से हटा दो फिर अपने घर वापस चले जाओ।

गुरु का आदेश मानते हुए वो बाग की साफ करता है और वापस अपने गांव चले जाता है। कुछ समय बाद शिष्य फिर गांव आता है और अपने दोस्त से कहता है कि तुम्हें गुरु ने मिलने के लिए बुलाया है। गुरु से मिलने के लिए दोस्त जाता है तो गुरु उसे उसी बाग में ले जाते हैं जो कि तबाह हो गया था। बाग को देकर वो चौंक जाता है। क्योंकि वहां पर बेहद ही बेड़ और खूब सारे गुलाब के फूल खिले होते हैं। वो गुरु से पूछता है कि आखिर किसने इस बाग में इतने सुंदर फूल लगाए हैं। गुरु हसंते हुए कहते ये फूल किसी ओर ने नहीं तुम ने लगाए हैं। वो हैरान होकर कहता है। ऐसा कैसे हो सकता है। मेरे लगाए गए तो फूल तबाह हो गए थे। गुरु कहता है तो क्या हुआ वो फूल तबाह हो गए तो उसकी जगह दूसरे फूल खिल आए। इसी तरह से जीवन में अगर एक योजान असफल हो जाती है तो उसका अर्थ ये नहीं तुम काम करना बंद कर दो। उस योजना की जगह कोई दूसरी योजना शुरू कर दो। ऐसा करते करते एक दिन तुमको सफलता जरूर मिल जाएगी। गुरु की ये बात सुनकर उसे समझ आ गया कि व्यक्ति को जीवन में हमेशा कोशिश करती रहनी चाहिए। असफल होने पर तब कर मेहनत करना चाहिए जब तक सफलता नहीं मिलती है।

इस प्रेरणादायक हिंदी कहानी (motivational kahani in hindi) से हमें इस चीज का ज्ञान मिलता है कि आप बस मेहनत करते रहें।

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