सिंदूर का गिरना अशुभ होता है या शुभ (sindoor ka girna shubh ya ashubh)

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सिंदूर का गिरना अशुभ होता या शुभ (sindoor ka girna shubh ya ashubh)
सिंदूर का गिरना अशुभ होता या शुभ (sindoor ka girna shubh ya ashubh)

भारतीय महिलाओं के जीवन में सिंदूर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। शादी के बाद हर महिला रोज अपनी मांग सिंदूर से भरती हैं। हालांकि कई बार मांग भरते हुए सिंदूर गिर जाता है। ऐसे में मन में सबसे पहले यही ख्याल आता है कि सिंदूर का गिरना अशुभ होता या शुभ (sindoor ka girna shubh ya ashubh)। दरअसल सिंदूर गिरने से शुभ-अशुभ संकेत जुड़े हुए हैं। जिनके बारे में हर सुहागन महिला को पता होना चाहिए। तो आइए जानते हैं, सिंदूर गिरान शुभ होता है या अशुभ।

सिंदूर का गिरना शुभ या अशुभ (sindoor ka girna shubh ya ashubh)

1.जमीन पर सिंदूर का गिरना

मान्यताओं के अनुसार, सिंदूर का गिरना अच्छा प्रतीक नहीं है। मांग भरते हुए अगर सिंदूर जमीन पर गिर जाए तो ये किसी अप्रिय घटना का संकेत देता है। माना जाता है कि इसके गिरना का अर्थ होता है कि पति की आयु कम हो गई है।

2. पूजा करते समय सिंदूर का गिरना (pooja karte samay sindoor ka girna)

कई बार पूजा करते हुए भी हाथ से सिंदूर गिर जाता है। पूजा करते हुए सिंदूर गिरने (pooja karte samay sindoor ka girna) का अर्थ है कि परिवार पर कोई बुरी समस्या आने वाली है।

3.सिंदूर लगाते समय नाक पर गिरना (sindoor ka naak pe girna)

नाक के ऊपर सिंदूर गिरना शुभ माना गया है। जी हां, अगर नाक पर सिंदूर गिर (sindoor ka naak pe girna) जाए तो इसका अर्थ है कि आपका पति आपसे बेहद ही प्यार करता है। इसी प्रकार से माथे पर सिंदूर गिरना भी अच्छा प्रतीक माना गया है।

4.पैरों पर सिंदूर का गिरना (sindoor ka zameen par girna)

अगर सिंदूर पैरों पर गिरे तो ये पति के दूर जाने का या लंबी यात्रा पर जाने का संकेत माना जाता है। इसी प्रकार से अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं तब सिंदूर गिरे तो ये शुभ संकेत नहीं होता है।

5.कुंवारी लड़की पर सिंदूर गिरना

कुंवारी लड़की के माथे पर सिंदूर गिर जाए तो ये उसके जल्द विवाह होने की ओर इशारा करता है। वहीं कुंवारी लड़की के पैरों पर अगर ये गिर जाए तो ये अशुभ माना जाता है।

हालांकि अगर वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो सिंदूर का गिरना न ही अशुभ होता है और न ही शुभ। ये एक मात्र वहम होता है।

भारतीय महिलाएं मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं?

भारतीय महिलाएं मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं? इससे एक कथा जुड़ी हुई है जो कि रामयाण काल की है। सिंदूर भरने से जुड़ी कथा के अनुसार जिस दिन राम जी ने बालि का वध किया था। उस दिन बालि की पत्नी ने माथे पर सिंदूर नहीं लगाया था। कहा जाता है कि बालि की पत्नी रोज माथे पर सिंदूर लगाया करती थी। वहीं जिस दिन राम उनका वध करने गए थे। उस दिन ही बालि की पत्नी ने अपने माथे में सिंदूर को नहीं भरा था। जो कि उनका मौत का कारण बना।

एक अन्य कथा के अनुसार देवी पार्वती भी अपनी मांग में रोज सिंदूर भरती थी। ताकि उनके पति शिव की रक्षा हो। इसी प्रकार से माता सीता सदा मांग में सिंदूर लगाती थीं।

मिलता है मांग मां लक्ष्मी का आशीर्वाद

कहा जाता है कि मां लक्ष्मी कुल पांच स्थानों पर वास करती है। जिसमें से एक स्थान सिर भी होता है। ऐसे में जो महिलाएं अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं, उनपर मां की कृपा बनती हैं और मां उनके घर में वास करती हैं।

सिंदूर कितना लगाना चाहिए

मांग भरते हुए सिंदूर को लंबा लगाया करें। दरअसल कई महिलाएं काफी कम सिंदूर लगाती हैं। जबकि शास्त्रों में लिखा गया है कि मांग को सिंदूर से पूरी तरह से भरना चाहिए।

सिंदूर लगाने से जुड़े नियम

मांग में सिंदूर लगाने से कुछ नियम भी जुड़े हुए हैं। जो कि इस प्रकार हैं।

  • महिलाओं को हमेशा अपना ही सिंदूर मांग में भरना चाहिए। किसे से इसे शेयर नहीं करना चाहिए।
  • हमेशा शुद्ध होकर ही मांग में सिंदूर भरें।
  • अगर सिंदूर जमीन पर गिर जाए तो उसे उठाकर किसी पेड़ पर रख दें। गिरे हुए सिंदूर को मांग में न भरें।

सिंदूर कैसे लगाएं

सिंदूर को हमेशा सही तरीके से लगाएं। सिंदूर को हमेशा सीधे हाथ से लगाना चाहिए। इसे मांग के बीच भरना चाहिए। वहीं सुबह नहाने के बाद ही इसे मांग में भरना चाहिए।

बनाएं घर में सिंदूर

दुकान में बिकने वाले सिंदूर कैमिकल वाले होते हैं। ऐसे में आप खुद से घर में सिंदूर बना सकते हैं। सिंदूर बनाने के लिए आप गुलाब की लाल रंग की पंखुड़ियां सुखा लें। फिर इन्हें पीस लें। इनके अंदर आप हल्दी भी मिला सकती हैं।

तो ये थी सिंदूर गिरने (sindoor ka girna shubh ya ashubh) से, इसे लगाने के नियम व कैसे लगाया जाए इससे जुड़ी जानकारी।

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